होली 2025 का पर्व इस वर्ष 14 मार्च, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसके एक दिन पहले, 13 मार्च, गुरुवार को होलिका दहन किया जाएगा।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त:
होलिका दहन का शुभ समय 13 मार्च को रात 11:26 बजे से 12:19 बजे तक रहेगा।
भद्रा काल:
भद्रा काल 13 मार्च को शाम 6:57 बजे से रात 10:22 बजे तक रहेगा। भद्रा काल में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है, इसलिए इस अवधि के बाद ही दहन करना उचित है।
होलिका दहन की पूजा विधि:
1. होलिका दहन स्थल पर लकड़ियों और उपलों का ढेर बनाएं।
2. शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करें।
3. परिक्रमा करते हुए गेहूं की बालियां और उबटन अर्पित करें।
4. प्रसाद वितरण करें और होली गीत गाएं।
होली का महत्व:
होली का त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का संकेत देता है और अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। यह खुशियों, क्षमा और नए रिश्तों की शुरुआत का पर्व है, जिसे हिंदू पंचांग के सबसे प्रतिक्षित त्योहारों में से एक माना जाता है।
होली का उत्सव:
लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं।
मिठाइयों का आनंद लेते हैं, जैसे गुझिया और ठंडाई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नृत्य-संगीत का आयोजन होता है
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