अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के अधिकारों, समानता, और उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।
2. महिला दिवस का इतिहास
शुरुआत: 1908 में न्यूयॉर्क में 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन, और मतदान के अधिकार के लिए मार्च किया।
पहली बार मनाया गया: 28 फरवरी 1909 को अमेरिका में पहला राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।
आधिकारिक मान्यता: 1910 में, जर्मन नेता क्लारा ज़ेटकिन ने इसे अंतर्राष्ट्रीय दिवस बनाने का प्रस्ताव दिया, जिसे 1911 में पहली बार कई देशों में मनाया गया।
संयुक्त राष्ट्र की मान्यता: 1975 में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी और हर साल एक थीम के साथ मनाया जाने लगा।
3. महिला दिवस का उद्देश्य
महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देना
लैंगिक समानता की ओर ध्यान आकर्षित करना
महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों को सम्मान देना
महिलाओं के प्रति हिंसा और भेदभाव को समाप्त करने के लिए जागरूकता फैलाना
4. महिला दिवस की थीम (2024)
हर साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की एक खास थीम होती है। 2024 की थीम: "Inspire Inclusion" (समावेशन को प्रेरित करें)।
5. महिला दिवस कैसे मनाया जाता है?
स्कूल, कॉलेज और ऑफिस में जागरूकता कार्यक्रम
महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करना
सेमिनार, वर्कशॉप और रैलियाँ आयोजित करना
सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से महिलाओं के हक में जागरूकता फैलाना
6. महिला दिवस का महत्व
महिला दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के हक और उनके संघर्षों को याद करने का दिन भी है। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम लैंगिक समानता की दिशा में कितना आगे बढ़े हैं और क्या सुधार अभी भी जरूरी हैं।
7. भारत में महिला सशक्तिकरण से जुड़े कानून और योजनाएँ
भारत सरकार ने महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए कई योजनाएँ और कानून बनाए हैं, जैसे:
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
महिला आरक्षण विधेयक
दहेज विरोधी कानून
कार्यस्थल पर यौन शोषण
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